पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा 2027 विधानसभा चुनाव में उतारेगा प्रत्याशी, पश्चिम प्रदेश निर्माण के एजेंडे का समर्थन करने वालों को भी मिलेगा समर्थन
पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा 2027 विधानसभा चुनाव में उतारेगा प्रत्याशी, पश्चिम प्रदेश निर्माण के एजेंडे का समर्थन करने वालों को भी मिलेगा समर्थन
विरेन्द्र चौधरी विनय कुमार
सहारनपुर।पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सक्रिय राजनीतिक भागीदारी का ऐलान करते हुए कहा है कि संगठन पश्चिम उत्तर प्रदेश की विभिन्न विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा। साथ ही, जिन राजनीतिक दलों या निर्दलीय उम्मीदवारों के घोषणा पत्र एवं एजेंडे में पृथक पश्चिम प्रदेश के गठन की स्पष्ट प्रतिबद्धता होगी, मोर्चा उनका भी समर्थन करेगा।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सतपाल यादव ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों की शासन और प्रशासन में पर्याप्त भागीदारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के साथ लंबे समय से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पश्चिम उत्तर प्रदेश की समस्याओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिलती, जिसके कारण विकास की गति प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 15 लाख से अधिक मुकदमे लंबित हैं, जिससे पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों को वर्षों तक न्याय के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही प्रशासनिक कार्यों में भी लोगों को बार-बार लखनऊ और इलाहाबाद के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। पृथक पश्चिम प्रदेश बनने से क्षेत्र में अपना हाईकोर्ट स्थापित होगा और प्रशासन जनता के अधिक निकट आएगा, जिससे न्याय और सरकारी सेवाएं अधिक सुलभ हो सकेंगी।
मोर्चा के महासचिव कर्नल सुधीर चौधरी ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश देश के सबसे अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में शामिल है, लेकिन विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और न्यायिक सुविधाओं के मामले में यह क्षेत्र लगातार उपेक्षित रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश को उसका अधिकार मिले और पृथक पश्चिम प्रदेश का गठन किया जाए।
उन्होंने कहा कि पश्चिम प्रदेश बनने से प्रदेश में नई राजधानी, नए सरकारी विभाग, औद्योगिक निवेश, प्रशासनिक संस्थानों और आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास होगा, जिससे लगभग 50 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र में अपना हाईकोर्ट, एम्स (AIIMS), मेडिकल कॉलेज, तकनीकी विश्वविद्यालय एवं आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होने से पश्चिम उत्तर प्रदेश देश के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल होगा।
श्री सतपाल यादव ने कहा कि पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा पश्चिम उत्तर प्रदेश की लगभग 140 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों तथा समान विचारधारा वाले सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव जनता की मांग और पृथक पश्चिम प्रदेश के मुद्दे को केंद्र में रखकर तेलंगाना एवं झारखंड मॉडल पर लड़ा जाएगा, ताकि क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिल सके।
संयुक्त मोर्चा के वरिष्ठ नेता भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिम प्रदेश निर्माण अब केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि जनभावना का आंदोलन बन चुका है। गांव-गांव और शहर-शहर में लोग अलग पश्चिम प्रदेश की आवश्यकता को समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनजागरण अभियान को और तेज किया जाएगा तथा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत किया जाएगा।
वरिष्ठ नेता श्री अशोक मलिक ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है, लेकिन विकास योजनाओं, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि पृथक पश्चिम प्रदेश बनने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, निवेश बढ़ेगा और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि पश्चिम प्रदेश निर्माण के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाना है। संगठन आने वाले दिनों में सभी 27 जिलों में जनसंपर्क अभियान, जनसभाएं, सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगा ताकि जनता को पृथक पश्चिम प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक लाभों से अवगत कराया जा सके।
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव पश्चिम प्रदेश निर्माण के मुद्दे पर लड़ा जाएगा और जो भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी इस मांग का समर्थन करेगा, संगठन उसके साथ खड़ा होगा। वहीं जो दल इस विषय पर मौन रहेंगे, जनता उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
प्रेस वार्ता में मोर्चा के पदाधिकारियों ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों से अपील की कि वे क्षेत्र के विकास, युवाओं के भविष्य और बेहतर प्रशासन के लिए पश्चिम प्रदेश निर्माण के आंदोलन को मजबूत करें तथा इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें।
इस अवसर पर साबिर अली खां, नीरज कपिल,उर्मिला राठोर, विरेन्द्र चौधरी मीडिया प्रभारी आदि ने भी अपने विचार रखें।

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